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सबद – शोध पत्रिका

सबद

राष्ट्रीय, सहकर्मी-समीक्षित (पीयर-रिव्यूड) त्रैमासिक शोध पत्रिका

  ISSN: 3139-5317 (Online)
ISSN: 3139-5325 (Print)

Call For Papers - Volume 1, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

डिजिटल युग में हिंदी भाषा

Author(s)डॉ. भगवान सिंह निरंजन
CountryIndia
Abstract

21वीं सदी सूचना टेक्नोलॉजी और संचार क्रांति का युग है। 21 वीं सदी के तीसरे दशक के प्रारंभ में कोविड महामारी ने जब सारी दुनिया को घरों में कैद कर दिया तो डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़ी मात्रा में प्रचार-प्रसार एवं उपयोग हुआ। भाषा चूंकि अभिव्यक्ति एवं ज्ञान का सशक्त माध्यम है, इसलिए डिजिटल युग ने एक ओर हिंदी भाषा के प्रसार को बढ़ावा दिया, तो दूसरी ओर इसके स्वरूप को प्रभावित भी किया। हिंदी दुनिया की समृद्ध और वैज्ञानिक भाषाओं में अब्बल है। इसलिए हिंदी भाषा खत्म होने या मरने के श‍िगूफे तथ्यहीन हैं। हालाँकि यह सत्य है कि दुनिया की बहुत सी भाषाएँ मर रही हैं, कुछ मर चुकी हैं और कुछ मरने वाली हैं।

Keywordsतकनीक, सूचना, इंटरनेट, सोशल प्लेटफॉर्म, ई.युग, डिजिटल, ए.आई,
Subject Areaभाषा विज्ञान
Issue Volume 1, Issue 3 (July - September 2026)
Published2026/09/17
How to Cite भगवान सिंह निरंजन (2026). डिजिटल युग में हिंदी भाषा. सबद (Sabad), 1(3), 19–23.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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